Friday, October 8, 2010

'राहुल वॉव, पोलिक्टिस नाट नाव"

युवतियों को राहुल पसंद लेकिन राजनीति में आने का विचार नहीं

राहुल गाँधी चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा युवा राजनीति में आएँ। पढ़े लिखे युवा राजनीति में आएँगे तो गंदी राजनीति साफ होगी। इसलिए वे देश में घूम-घूम कर युवाओं को राजनीति में आने का न्योता दे रहे हैं। भोपाल में उन्होंने उच्च शिक्षा ले रही युवतियों से पहली बार अलग सत्र में बात की और राजनीति में आने की सलाह दी। राहुल को देख-सुनने के बाद युवतियों प्रसन्ना थीं। उनके चेहरे पर इस खुशी को साफ देखा जा सकता था लेकिन जब उनसे सवाल किया गया कि क्या वे युवा काँग्रेस की सदस्यता लेगी तो जवाब मिला अभी नहीं।

6  अक्टूबर  2010 की सुबह वे निकली तो कॉलेज बस से थी लेकिन पहुँची काँग्रेस महासचिव राहुल गाँधी से मिलने रवीन्द्र भवन। उनसे कहा गया था कि उन्हें राहुल से सवाल पूछने का मौका मिलेगा। गाँधी परिवार के वारिस, भविष्य के प्रधानमंत्री और सबसे सुटेबल बैचलर जैसे तमाम परिचयों के अलावा राहुल को करीब से देखने की जिज्ञासा वे लाख प्रयत्न के बाद भी नहीं छुपा पा रही थी। किसी को छोड़ने पिता आए थे तो कोई भाई के साथ पहुँची थी। सभी की ख्वाहिश थी राहुल को करीब से देखना और मौका मिलने पर सवाल पूछना। करीब आधे  घंटे के सत्र के बाद छात्राएँ बाहर निकली तो सवाल न पूछ पाने की निराशा तो थी लेकिन वे राहुल के व्यक्तित्व से चमत्कृत थी। चहकती युवतियों की टोली की पहली प्रतिक्रिया- 'राहुल इज ऑवसम। पर हमें सवाल पूछने का मौका नहीं मिला।" वे बताती हैं कि राहुल ने सभी को राजनीति में आने आग्रह किया है। 'आप युवा काँग्रेस की सदस्यता कब ले रही हैं", पूछे जाने पर अधिकांश ने कहा कि अभी तो नहीं। राजीव गाँधी कॉलेज की मालविका तिवारी और वसुधा ने कहा कि राहुल का भाषण प्रभावी था लेकिन उनके प्रस्ताव के बाद भी वे राजनीति में नहीं आ सकती। वे मानती है कि परिवार युवतियों के राजनीति में आने की सबसे बड़ी बाधा है। अंजली पांडे ने कहा कि वे राहुल से प्रभावित थी और उन्हें सुनने के लिए आई थीं। उन्हें राजनीति में रूचि नहीं है। नारायण होम्योपैथी कॉलेज की छात्रा दिव्या ने कहा कि वे राहुल को बीएचएमएस छात्राओं की समस्या बताने आई थी लेकिन मौका नहीं मिला। वे कहती हैं कि राहुल युवाओं को मौका दे रहे हैं यह अच्छी बात है लेकिन फिलहाल उन्होंने राजनीति में आने के बारे में नहीं सोचा है। पुष्पांजलि से पूछा गया कि क्या वे युवा काँग्रेस की सदस्यता लेंगी तो उन्होंने कहा कि वे अच्छा काम करने वालों का समर्थन करेंगी लेकिन राजनीति में नहीं आएँगी। राधारमन कॉलेज की छात्रा वीना ने कहा कि उनके लिए राहुल की बात मानना संभव नहीं है। युवतियों ने कहा कि राजनीति में बदलाव की शुरुआत होना चाहिए। राहुल अच्छा काम कर रहे हैं। वे उनका समर्थन करती हैं लेकिन सक्रिय राजनीति में नहीं आ सकती।